Friday, 7 December 2018

#गांव

आओ !!चले गाँव की ओर
जहाँ है हरियाली, शुद्ध हवा और अपने मन का छोर

जहाँ गाँव की मिटटी की ख़ुशबू आती है ।
जहाँ शाम को पंछियों की चहचाहट भाती है

दूर छोड़ गया मंज़िल पाने
आजा वापिस मुझे संवारने

मुझमे भी है ताकत शहरों से आगे निकल जाने की,
बस बात है मुझे आजमाने की ।

चले गाँव की ओर |

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