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Friday, 11 January 2019

ग़म। Shayari on life

 ग़म मेरे साथ-साथ बोहोत दूर तक गए
--
मुझमे थकन ना पायी तो बेचारे थक गए...!!
💲💲

Monday, 24 December 2018

#महफिले

#आओ बैठो मिलकर जज़्बातों की #महफिले सजाते हैं
एक  #तीर तुम चलाओ दुज़ा #निशाना  हम लगाते हैं...!!😊😊

Wednesday, 19 December 2018

#जिंदगी क्या है!

किस्मत को बेकार बोलने वालों,

कभी किसी गरीब के पास बैठकर पूछना जिंदगी क्या है !!

Monday, 17 December 2018

#जिन्दगी

छोटी सी बात पे ख़ुश होना मुझे आता था..!!
पर
बड़ी बात पे चुप रहना "ज़िन्दगी" से सीखा..!!

Sunday, 16 December 2018

#नसीब

जरा सी *जेब* क्या फटी...
       सिक्कों से ज्यादा तो,
               *रिश्ते* गिर पड़े...।।

Saturday, 15 December 2018

#खामोशियां

*धुंआ दर्द बयाँ करता है...,और राख कहानियां छोड़ जाती है*

*कुछ लोगों की बातों में भी दम नही होता.. और
 कुछ लोंगो की खामोशियाँ भी निशानियां छोड़ जाती है*

Friday, 7 December 2018

#गांव

आओ !!चले गाँव की ओर
जहाँ है हरियाली, शुद्ध हवा और अपने मन का छोर

जहाँ गाँव की मिटटी की ख़ुशबू आती है ।
जहाँ शाम को पंछियों की चहचाहट भाती है

दूर छोड़ गया मंज़िल पाने
आजा वापिस मुझे संवारने

मुझमे भी है ताकत शहरों से आगे निकल जाने की,
बस बात है मुझे आजमाने की ।

चले गाँव की ओर |

Thursday, 6 December 2018

#परदेस

आया था मै कमाने अपनी ख़ुशियों के लिए परदेस.

आज मेरे पास ना ख़ुशी है और ना ही मेरा देश

Tuesday, 4 December 2018

#कल

*कागज की कश्ती में,*
*सवार है हम*

*फिर भी कल के लिये,*
*परेशान है हम...!*

Friday, 30 November 2018

#नया बचपन

बुढ़ापा एक नया बचपन


सुनो ...!

हम मिलेंगे एक बार जरूर
बुढापे में लकड़ी लेकर
आऊंगी मैं तुमसे मिलने...
जानते हो क्यों??
क्योंकि उस समय
कोई बंदिशें नहीं होंगी
ना तुम्हारे ऊपर ,ना मेरे ऊपर
वो दौर भी कैसा होगा ।
कितना सुन्दर कितना खुशहाल,,
ना किसी का डर होगा,
ना कोई दायरे ....

तुम आओगे ना मुझसे मिलने ?
आँखों पर मोटा-सा चश्मा होगा
उस चश्मे से निहारूगी
तुम्हारी जुल्फों को
तुम रख देना सर अपना
हौले से मेरे कंधे पर
मैं संवार दूंगी तुम्हारी ज़ुल्फ़ों को
अपने झुर्री पड़े...कोमल हाथों से..!

सुनो तुम...
एक सपना देखा हैं मैंने भी
आखिर सपने देखना भी तो
तुमने ही सिखाया...
कहो ना !...
तुम मुकम्मल करोगे ना ?
मेरे इस सपने को ..!

मैं छूना नहीं चाहती तुम्हें
बस हवाओं की हर पुरवाई में
महसूस करना चाहती हूँ
बेहद करीब से...
तुम्हारे सुवास में
अपने अहसास को
ख़ुदा की इबादत की तरह
बोलो ना !!
आओगे ना तुम मुझसे मिलने...?💕